Trade unions will observe April 1 as “Black Day” and protest against labor reforms
नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए Labor Reforms के खिलाफ देश के प्रमुख Central Trade Unions ने विरोध तेज कर दिया है। श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच ने घोषणा की है कि 1 अप्रैल 2026 को देशभर में ‘Black Day’ (काला दिवस) मनाया जाएगा।
संगठनों का कहना है कि सरकार द्वारा लागू की गई चार नई Labour Codes श्रमिकों के हितों के खिलाफ हैं और इससे श्रमिकों के अधिकार कमजोर होंगे।
चार श्रम संहिताओं के खिलाफ विरोध (Four Labour Codes Protest)
केंद्र सरकार ने 21 नवंबर 2025 को चार प्रमुख श्रम संहिताओं को लागू किया था, जिनमें शामिल हैं:
Code on Wages 2019
Industrial Relations Code 2020
Code on Social Security 2020
Occupational Safety, Health and Working Conditions Code 2020
श्रमिक संगठनों का आरोप है कि इन Labour Codes को लागू करने से श्रमिकों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और नियोक्ताओं को अधिक लाभ मिलेगा।
केंद्रीय श्रमिक संगठनों और स्वतंत्र क्षेत्रीय महासंघों ने सभी श्रमिक संघों से 1 अप्रैल 2026 को ‘Black Day’ के रूप में मनाने की अपील की है।
उसी दिन केंद्र सरकार द्वारा इन श्रम संहिताओं से संबंधित नियमों को अधिसूचित करने की घोषणा की गई है, जिसके विरोध में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
सरकार पर संवाद से बचने का आरोप
श्रमिक संगठनों का कहना है कि 12 फरवरी की ऐतिहासिक General Strike के बाद भी सरकार इन श्रम संहिताओं को वापस लेने या इस मुद्दे पर श्रमिक संगठनों के साथ कोई सार्थक संवाद करने के लिए तैयार नहीं है।
संगठनों का यह भी आरोप है कि Labour Codes Drafting Process के दौरान उनसे कोई परामर्श नहीं लिया गया और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर Indian Labour Conference भी नहीं बुलाई गई।
अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों के उल्लंघन का आरोप
श्रमिक संगठनों ने कहा कि यह कदम International Labour Standards के भी खिलाफ है। उनका दावा है कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन इन श्रम संहिताओं के जरिए श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है।
संगठनों ने आरोप लगाया कि ये Labour Reforms श्रमिक वर्ग को फिर से ब्रिटिश औपनिवेशिक काल जैसी शोषणकारी परिस्थितियों की ओर धकेल सकते हैं। उनका कहना है कि देश की संपदा का निर्माण करने वाले श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा जरूरी है।
काले बैज, धरना और जुलूस से होगा विरोध
श्रमिक संगठनों ने बताया कि Black Day Protest को विभिन्न तरीकों से मनाया जाएगा। इसमें शामिल हैं:
कार्यस्थलों पर Black Badge या काली पट्टी पहनना
Lunch Hour Protest के दौरान नारेबाजी
Dharna और Protest Rally
Cycle और Motorcycle Rallies
संगठनों ने समाज के सभी वर्गों से इस विरोध कार्यक्रम का समर्थन करने की अपील की है।
इन संगठनों का संयुक्त मंच (Trade Unions Platform)
इस संयुक्त मंच में कई प्रमुख श्रमिक संगठन शामिल हैं, जैसे:
AITUC (All India Trade Union Congress)
HMS (Hind Mazdoor Sabha)
CITU (Centre of Indian Trade Unions)
AIUTUC
TUCC
SEWA
AICCTU
LPF
UTUC
संगठनों को SKM (Samyukt Kisan Morcha) का भी समर्थन मिलने की बात कही गई है।