Cognavi India emphasized growing demand for global engineering talent and AI-based solutions
वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और आर्थिक उथल-पुथल के बावजूद, भारतीय इंजीनियरिंग प्रतिभाओं की वैश्विक स्तर पर मांग लगातार बनी हुई है। Cognavi कोग्नावी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीटीओ वरुण मोदगिल के अनुसार, डेटा इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में अपार जॉब्स की संभावनाएं हैं।
“मैचिंग” की समस्या को AI से हल कर रहा है भारत
Cognavi के वरुण मोदगिल का कहना है कि वैश्विक स्तर पर इंजीनियरिंग टैलेंट की कमी असल में “सप्लाई” की नहीं बल्कि “मैचिंग” की समस्या है। उनका कहना है कि भारत में विश्वस्तरीय इंजीनियरों की कमी नहीं है, लेकिन पहले एक ऐसा प्लेटफॉर्म नहीं था, जो इन प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर पर आवश्यकताओं से जोड़ सके।
कोग्नावी ने AI मॉडल से भरी बढ़ती अंतर को
Cognavi कोग्नावी ने अपने AI-आधारित मैचिंग मॉडल का उपयोग करके इस अंतर को कम किया है। इस मॉडल के जरिए कंपनी ने 13 भारतीय इंजीनियरिंग छात्रों को जापान के मैन्युफैक्चरिंग और टेक सेक्टर में नौकरी दिलवाने में सफलता हासिल की है। इन छात्रों को औसतन ₹42.15 लाख प्रति वर्ष के पैकेज पर नियुक्त किया गया।
127 छात्रों में से 13 का चयन, सबसे बड़ा ऑफर ₹56 लाख
यह कार्यक्रम एक बड़ा अवसर बनकर उभरा, जिसमें कुल 127 छात्रों ने आवेदन किया था। इन छात्रों का चयन AI-आधारित स्किल मैपिंग और मूल्यांकन प्रक्रिया के जरिए किया गया। अंतिम चयन में 13 छात्रों को ₹42.15 लाख से ₹56.27 लाख तक के सालाना पैकेज पर नौकरी के ऑफर मिले।
कौशल पर ध्यान, न कि केवल अकादमिक अंकों पर
Cognavi कोग्नावी का AI मॉडल उम्मीदवारों का मूल्यांकन केवल अकादमिक अंकों के आधार पर नहीं करता, बल्कि उनकी तकनीकी क्षमताओं और स्किल्स को प्राथमिकता देता है। इससे कंपनियों को ऐसे उम्मीदवारों का चयन करने में मदद मिलती है जो नौकरी की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुसार तैयार हों।
भारत के प्रतिष्ठित संस्थान से चयन
इन छात्रों का चयन आईआईटी मद्रास, आईआईटी मंडी, और एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (SRMIST) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से किया गया है। इन छात्रों को जापान की प्रमुख कंपनियों में तकनीकी भूमिकाओं के लिए चुना गया।
AI-आधारित हायरिंग मॉडल की बढ़ती लोकप्रियता
उद्योग विशेषज्ञ मानते हैं कि AI-आधारित हायरिंग मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इस मॉडल से कंपनियों को सबसे उपयुक्त और सक्षम उम्मीदवारों की पहचान करने में मदद मिलती है। यह भारतीय इंजीनियरों की वैश्विक बाजार में बढ़ती मांग को सही दिशा में बढ़ावा देता है, खासकर जब वैश्विक अनिश्चितताएँ बढ़ रही हैं।
भारत के 300 से अधिक कॉलेजों में सक्रिय कोग्नावी
Cognavi कोग्नावी अब भारत के 300 से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ काम कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय भर्ती को बढ़ावा देने के लिए नए अवसरों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।