रियल एस्टेट परामर्श कंपनी एनारॉक Anarock की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण बनी नकारात्मक धारणा का असर दिल्ली-एनसीआर के आवास बाजार Housing sales पर दिखाई दिया है। वर्ष 2026 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में यहां घरों की बिक्री तिमाही आधार पर 17 प्रतिशत घटकर करीब 16 हजार इकाई रह गई।
तिमाही आधार पर घटी बिक्री
एनारॉक (Anarock) के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी-मार्च तिमाही में दिल्ली-एनसीआर में कुल 15,985 आवास इकाइयों की बिक्री हुई। यह संख्या पिछली तिमाही में हुई 19,250 इकाइयों की बिक्री की तुलना में लगभग 17 प्रतिशत कम है। रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने खरीदारों की धारणा को प्रभावित किया है।
सालाना आधार पर मांग में 44% की बढ़ोतरी
हालांकि तिमाही गिरावट के बावजूद, सालाना आधार पर दिल्ली-एनसीआर में आवास की मांग (Housing sales) मजबूत रही। पिछले वर्ष की जनवरी-मार्च तिमाही में यहां 11,120 इकाइयों की बिक्री हुई थी, जबकि इस साल समान अवधि में यह बढ़कर 15,985 इकाइयों तक पहुंच गई, जो 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।विशेषज्ञों के अनुसार यह वृद्धि मुख्य रूप से पिछले वर्ष के निचले आधार प्रभाव की वजह से है।
एनारॉक चेयरमैन की टिप्पणी
एनारॉक (Anarock) के चेयरमैन अनुज पुरी का कहना है कि भारत के आवास बाजार की दीर्घकालिक बुनियादी स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान से जुड़ी भू-राजनीतिक स्थितियों का अल्पकालिक असर पहली तिमाही के आंकड़ों में साफ दिखाई दिया है।
सात बड़े शहरों में भी मिला मिश्रित रुझान
एनारॉक के अनुसार देश के सात प्रमुख शहरों में जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान घरों की बिक्री (Housing sales) सालाना आधार पर 9 प्रतिशत बढ़ी, लेकिन तिमाही आधार पर 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इन शहरों में कुल बिक्री बढ़कर 1,01,615 इकाई हो गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 93,280 इकाई थी।
बिक्री मूल्य में भी बढ़ोतरी
मूल्य के लिहाज से भी रियल एस्टेट बाजार में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जनवरी-मार्च तिमाही में घरों की कुल बिक्री का मूल्य 1.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 1.42 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 6 प्रतिशत अधिक है।
ये हैं सात प्रमुख आवास बाजार
एनारॉक (Anarock) की रिपोर्ट में जिन सात बड़े शहरों को शामिल किया गया है, उनमें मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR), दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, चेन्नई और कोलकाता प्रमुख आवास बाजार के रूप में शामिल हैं। इन शहरों में देश की आवासीय संपत्ति की मांग और निवेश का बड़ा हिस्सा केंद्रित रहता है।