CoinDCX ने चोरी हुई ₹378 करोड़ की क्रिप्टो संपत्ति की बरामदगी के लिए किया इनाम का ऐलान

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नई दिल्ली: हाल ही में करीब ₹378 करोड़ (लगभग $4.4 करोड़) की चोरी का शिकार हुए भारतीय क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज कॉइनडीसीएक्स (CoinDCX) ने सोमवार को एक बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने चोरी हुई संपत्ति की बरामदगी और इसमें शामिल अपराधियों की पहचान में मददगार जानकारी के लिए, बरामद होने वाली संपत्ति का 25 प्रतिशत तक इनाम देने की घोषणा की है। यह कदम न केवल चोरी हुए फंड्स को वापस लाने की दिशा में है, बल्कि साइबर अपराध (cybercrime) के खिलाफ वेब3 समुदाय (Web3 community) को एकजुट करने का एक आह्वान भी है।

इनाम का मकसद : संपत्ति की वापसी, अपराधियों की पहचान

कॉइनडीसीएक्स ने एक बयान में कहा कि चोरी हुई संपत्ति की बरामदगी के लिए घोषित यह कार्यक्रम केवल धन को वापस लाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका एक बड़ा लक्ष्य साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई में वेब3 समुदाय को एक साथ लाना भी है। कंपनी ने एथिकल हैकर (ethical hackers), व्हाइट-हैट शोधकर्ताओं (white-hat researchers) और पूरे क्रिप्टोकरेंसी इकोसिस्टम (ecosystem) के भागीदारों से इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने का अनुरोध किया है।

क्रिप्टो एक्सचेंज ने स्पष्ट किया कि बरामद होने वाली धनराशि का 25 प्रतिशत तक उन साझेदारों को दिया जाएगा जो घटना में चोरी हुई क्रिप्टो को वापस पाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही, उन्हें हमलावरों की शिनाख्त (identification) और उन्हें दोषी ठहराने (conviction) में भी मदद करनी होगी। यह एक महत्वपूर्ण शर्त है जो यह सुनिश्चित करेगी कि केवल फंड्स की वापसी ही नहीं, बल्कि अपराधियों को न्याय के कटघरे में भी लाया जाए।

कॉइनडीसीएक्स ने बयान में बताया, “अगर चोरी गई समूची संपत्ति को बरामद कर लिया जाता है तो मददगारों को 1.1 करोड़ डॉलर (लगभग ₹94.5 करोड़) तक की राशि मिलेगी।” यह इनाम की राशि इतनी बड़ी है कि यह दुनियाभर के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं को इस मामले पर काम करने के लिए प्रेरित कर सकती है।

चोरी की घटना और कंपनी का कदम: ग्राहक फंड सुरक्षित

कॉइनडीसीएक्स के अनुसार, उनकी सुरक्षा प्रणालियों ने शनिवार को एक साझेदार एक्सचेंज (partner exchange) पर अपने एक खाते में अनधिकृत पहुंच (unauthorized access) का पता लगाया था। इसी के चलते लगभग $4.4 करोड़ (करीब ₹378 करोड़) का वित्तीय जोखिम पैदा हुआ। यह घटना क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज की सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करती है, जहां हैकर्स लगातार नए तरीकों से सिस्टम में सेंध लगाने की कोशिश करते हैं।

कॉइनडीसीएक्स के सह-संस्थापक सुमित गुप्ता (Sumit Gupta) और नीरज खंडेलवाल (Neeraj Khandelwal) ने ग्राहकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि कंपनी के सुरक्षित कोष (secure reserves) का उपयोग कर इस नुकसान का बोझ पूरी तरह से वहन किया जा रहा है, ताकि किसी भी ग्राहक का धन प्रभावित न हो। यह कॉइनडीसीएक्स की ग्राहक-केंद्रितता (customer-centricity) और वित्तीय स्थिरता (financial stability) को दर्शाता है, जिससे ग्राहकों का विश्वास बनाए रखने में मदद मिलेगी।

साइबर सुरक्षा और क्रिप्टो उद्योग में चुनौतियां

यह घटना एक बार फिर क्रिप्टोकरेंसी उद्योग में साइबर सुरक्षा (cybersecurity) के महत्व को रेखांकित करती है। जैसे-जैसे क्रिप्टोकरेंसी की लोकप्रियता और उनका उपयोग बढ़ रहा है, वैसे-वैसे साइबर अपराधियों द्वारा हमलों का जोखिम भी बढ़ रहा है। एक्सचेंजों को लगातार अपनी सुरक्षा प्रणालियों को अपग्रेड (upgrade) करना और नए खतरों का अनुमान लगाना पड़ता है।

कॉइनडीसीएक्स द्वारा यह इनाम कार्यक्रम घोषित करना वेब3 समुदाय की शक्ति का एक उदाहरण है। यह दर्शाता है कि कैसे इस क्षेत्र में पारदर्शिता (transparency) और सहयोग (collaboration) के माध्यम से चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। “व्हाइट-हैट हैकर” या एथिकल हैकर, जो अपनी क्षमताओं का उपयोग सिस्टम में कमजोरियों को खोजने और उन्हें ठीक करने के लिए करते हैं, ऐसे समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

यह घटना उन निवेशकों के लिए भी एक रिमाइंडर है जो क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करते हैं कि उन्हें हमेशा प्रतिष्ठित और सुरक्षित एक्सचेंजों का ही उपयोग करना चाहिए और अपनी संपत्ति की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

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